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गांधी "एक आदर्श विचारधारा"

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जन्मतिथि है। आज जब करोना वायरस दुनिया भर में फैल चुका है, और वैज्ञानिक से बचने के लिए वैक्सीन की खोज में लगे हुए हैं।
ऐसे वक्त में हमें गांधीजी की कुछ बातों को याद करने की जरूरत है। उन्होंने कहा था- हम ठोकर खा सकते हैं गिर सकते हैं लेकिन फिर उठेंगे।
1918 से लेकर 1920 तक भयंकर स्पेनिश फ्लू का दौर था उन्होंने इसके दौर को झेला है उनकी उस वक्त के कुछ बातें इस तरह से कही थी, जो हमें करोना वायरस से लड़ने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
गांधीजी कि 7 बातें जानिए कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाता अपने आप को कैसे सुरक्षित रखना है।

1-आप चाहते हैं कि लोग मास्क पहने दूरी बनाए और सफाई रखें लेकिन इसकी शुरुआत आपको स्वयं खुद से करनी होगी।

2- आपको इंसानियत से भरोसा नहीं खोना है इंसानियत एक समुद्र की तरह होती है अगर समुद्र की कुछ बूंदें गंदी हो गई तो इसका मतलब यह नहीं कि समुद्र गंदा हो जाएगा।
इसका मतलब यह है कि अगर सब कुछ बुरा ही हो रहा है तो परेशान ना हो सकारात्मक रहे।क्योंकि दुनिया बहुत बड़ी है। अगर कहीं कुछ उथल-पुथल हो भी गई तो ऐसा नहीं कि सब कुछ खत्म हो गया।
3 - स्वास्थ्य ही असली संपत्ति है ना कि सोने और चांदी के टुकड़े ।
मतलब की संक्रमण से बचने के उपायों का स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव ना पड़ने  दें।
घर में है तो एक्सरसाइज करें अच्छा रूटीन बनाए बेहतर लाइफस्टाइल अपनाएं और मानसिक तौर पर भी स्वयं को स्वस्थ रखें।
4 - भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज क्या कर रहे हैं।
मतलब यह कि संक्रमण किसी को भी हो सकता है लेकिन अगर सजग रहेंगे तो काफी हद तक अपने आपको उससे बचा सकते हैं आज की लापरवाही करने से आप कहीं भविष्य का नतीजा खराब भी हो सकता है।यानी कि आज  संक्रमण से सावधान रहें  तो कल सुरक्षित रहेंगे।
5 - ऐसा कुछ भी नहीं है जो चिंता की तरह शरीर को बर्बाद करें और जिसे भगवान में थोड़ा भी विश्वास है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए।
मतलब की करोना महामारी को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है। लेकिन इसके कारण मानसिक रूप से बीमार होना भी सही नहीं है। दिमागी तौर पर स्वस्थ रहें और ईश्वर पर भरोसा बनाए रखें।
6 - मैं किसी को भी अपने दिमाग में गंदे पैरों के साथ जाने नहीं दूंगा।
मतलब की कोई कितना भी इस बात की वकालत करे कि मास्क पहनने और दूरी बनाने में कुछ नहीं होता। लेकिन आप जानते हैं कि यह झूठ है ।स्वास्थ्य एजेंसियों की बात को गंभीरता से लें।
7 - कोई भी मुझे मेरी मर्जी के बिना नुकसान नहीं पहुंचा सकता।
इसका मतलब यह है कि जब तक आप नहीं चाहेंगे तब तक कोई भी बगैर मास के आपके करीब आ कर बात नहीं कर सकता कितना संपर्क रखना चाहते हैं या आप ही तय करेंगे।

यह कुछ बातें उस वक्त गांधी जी ने स्पेनिश फ्लू के संदर्भ में कही थी जो कि आज करोना महामारी के ऊपर सटीक बैठती है।
गांधी जी के चरणों में शत शत वंदन 

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