उतार चढ़ाव जीवन का हिस्सा है. कभी खुशी, तो कभी गम. दुनिया में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा, जिसे किसी भी तरह की परेशानी न हो. किसी को आर्थिक, किसी को मानसिक, तो कोई शारीरिक परेशानी से जूझ रहा है. जीवन में कभी ऐसे भी क्षण आते हैं, जब लगता है कि अपना सौ प्रतिशत देने के बावजूद रिजल्ट अपेक्षा के अनुरूप नहीं है. बार-बार कोशिश करने के बाद भी परिणाम उत्साहजनक नहीं है. ये किसी भी इंसान के जीवन का सबसे कठिन समय होता है, जब वह न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी टूट जाता है. सवाल यही है कि ऐसे हालात में हम क्या करें? हाल में आपने ये खबर सुनी होगी कि बीसीसीआइ ने महेंद्र सिंह धौनी को अपने कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया है. उसके बाद ये कयास लगने लगे कि बीसीसीआइ ने धौनी को संन्यास लेने के लिए इशारा कर दिया है. उसके अगले ही दिन ये खबर आयी कि धौनी ने रांची के जेएससीए स्टेडियम में प्रैक्टिस शुरू कर दी है. आपको जुलाई 2019 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच का सेमीफाइनल मैच याद होगा, जब धौनी के आउट होते ही भारत के वर्ल्डकप जीतने का सपना टूट गया और धौनी जब आंखों में आंसू लिए बाहर जाने लगे, तो पूरा हिंदुस्ता...